भोपाल। ग्रंथपाल का कार्य केवल पुस्तकों और जानकारी का प्रबंधन करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा, जानकारी, और व्यक्तिगत विकास के अवसर प्रदान करना है। उनका योगदान समाज के समग्र विकास और परिवर्तन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप सभी डिजिटल युग में तकनीकी दृष्टिकोण से अनुकूलन पर भी फोकस करे। यह विचार व्यक्त किये एनआईटीटीटीआर भोपाल के डायरेक्टर प्रो. सी.सी. त्रिपाठी ने। वह मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के लाइब्रेरियन के लिए "मॉडर्न लाइब्रेरीज एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज" विषय पर आयोजित 6 दिवसीय विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे।
ट्रिपल आईटी अगरतला के निदेशक प्रो. अभय कुमार ने मॉडर्न लाइब्रेरीज में एआई के उपयोग पर चर्चा की। निटर भोपाल के डीन कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रिलेशन्स प्रो. पी.के पुरोहित ने कहा कि लाइब्रेरियन समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनका योगदान कई दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है। आईसर भोपाल के डॉ. संदीप कुमार पाठक ने कहा कि ग्रंथपाल का कार्य केवल पुस्तकों और जानकारी का प्रबंधन करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा, जानकारी, और व्यक्तिगत विकास के अवसर प्रदान करना है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लाइब्रेरियन ने वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन, सूचना प्रबंधन, अनुसंधान सहायता, डिजिटल युग में तकनीकी दृष्टिकोण से अनुकूलन, डिजिटल आर्काइव्स, लाइफलॉन्ग लर्निंग, आईपीआर, प्रबंधकीय कौशल, कम्युनिकेशन स्किल्स, डिजिटल सॉफ्टवेयर्स आदि पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस अवसर पर निटर भोपाल के श्री संजय त्रिपाठी, महादेव सवदत्ति, श्रीमती शोभा लेखवानी, श्रीमती बबली चतुर्वेदी उपस्थित थी।
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