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विक्रम विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा श्रेष्ठी श्री जगराम गुप्त स्मृति नव संवत्सर अलंकरण से सम्मानित

नवसंवत्सर पर शिप्रा तट पर सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर किया गया नववर्ष का अभिनन्दन सृष्ट्यादि युगादि नवसंवत्सर आयोजन समिति द्वारा 

उज्जैन। सृष्ट्यादि युगादि नवसंवत्सर आयोजन समिति द्वारा कालगणना के केंद्र उज्जैन स्थित शिप्रा तट पर नवसंवत्सर के अवसर पर शिप्रा तट पर सूर्य को अर्घ्य प्रदान करते हुए पुण्यसलिला शिप्रा का पूजन कर नववर्ष का अभिनन्दन किया गया। आयोजन में नवसंवत्सर अभिनन्दन करते हुए मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने देशवासियों को नववर्ष की मंगलकामनाएं अर्पित कीं। आयोजन में उज्जैन उत्तर के विधायक श्री अनिल जैन कालूखेड़ा, पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद जी, पूर्व कुलपति प्रो रामराजेश मिश्र, कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, नव संवत संस्था के अध्यक्ष पंडित योगेश शर्मा, सचिव श्री प्रतीक जैन, वरिष्ठ शिक्षाविद श्री बी के शर्मा, समाजसेवी श्री विनोद काबरा की गरिमामयी उपस्थिति रही। अध्यक्षता विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर अर्पण भारद्वाज ने की।

कार्यक्रम में विक्रम विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेंद्रकुमार शर्मा को श्रेष्ठी श्री जगराम गुप्त स्मृति नव संवत अलंकरण से अलंकृत किया गया। उन्हें यह सम्मान साहित्य, संस्कृति एवं भाषा के क्षेत्र में अविराम शोधानुशीलन, लेखन एवं भारतीय साहित्यिक - सांस्कृतिक परिकल्पनाओं को व्यवहारिक रूप से प्रतिष्ठित करने के लिए अर्पित किया गया। अतिथियों द्वारा सम्मान स्वरूप उन्हें सम्मानपत्र, श्रीफल, पुष्पमाला और सम्मान राशि अर्पित की गई। सम्मान पत्र का वाचन श्री ऋषिकुमार गुप्ता ने किया। 

कार्यक्रम में पंडित अक्षत व्यास ने पंचांग अनुसार वर्ष फल पर अपना उद्बोधन दिया। व्यास सांदीपनि वेद विद्यापीठ के छात्रों को इस अवसर पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। संवत्सर मन्त्रों का पाठ किया गया, जिसमें विश्व कल्याण की भावना निहित है। 

कार्यक्रम का संचालन डॉ संतोष पण्ड्या ने तथा धन्यवाद ज्ञापन नव संवत नव विचार संस्था के सचिव श्री प्रतीक जैन ने किया।

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