घाटे से उबरा विश्वविद्यालय, मितव्ययता से लाभ में आया विक्रम विश्वविद्यालय
उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन की कार्यपरिषद् एवं सभा की बैठक दिनांक 26 मार्च 2025 को सम्पन्न हुई। बैठक में विक्रम विश्वविद्यालय के वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुमानित बजट प्रस्तुत किया गया। बैठक की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने की। बैठक में उज्जैन नगर निगम महापौर श्री मुकेश टटवाल, कार्यपरिषद् के सदस्य श्री रूपचन्द पमनानी, श्री राजेश सिंह कुशवाह, श्री वरुण गुप्ता, डॉ. संजय वर्मा, श्रीमती मंजूषा मिमरोट, डॉ. कुसुमलता निंगवाल, डॉ. हर्षा क्षीरसागर, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. गीता नायक, डॉ. कामरान सुल्तान, डॉ. उमेश कुमार सिंह, डॉ. एस. के. मिश्रा, डॉ. कमलेश दशोरा, संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा श्री पवन चौहान, डॉ. अलका व्यास, डॉ. राजेश टेलर, डॉ. शैलेन्द्र भारल, डॉ. डी.एम. कुमावत, बजट प्रस्तुतकर्ता वित नियंत्रक श्री जे.एस. तोमर एवं कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा उपस्थित थे।
आय-व्यय का सारांश
मूल वित्तीय अनुमान बजट वित्तीय वर्ष 2025-26
आयोजनेतर आय - 20841.29 लाख
आयोजनेतर व्यय - 20812.15 लाख
कुल (+)रु. 29.14 लाख
- प्रधानमंत्री उच्चशिक्षा अभियान (पीएम ऊषा) के अन्तर्गत मेरु परियोजना में 100.00 करोड स्वीकृत होने से विश्वविद्यालय की तस्वीर बदली है।
- विश्वविद्यालय के विद्युत देयकों का भार कम करने हेतु रू. 1.00 करोड़ की राशि से 150 के.वी सौलर प्लांट की स्थापना का निर्णय लिया गया।
- आयोजनेतर (नॉन प्लान) बजट में नियमित/प्रस्तावित नवीन पाठ्यक्रमों के लिये 2025-26 में रूपये 144.58 लाख का प्रावधान किया गया।
- नवीन पाठ्यक्रम डेयरी टेक्नोॅलॉजी हेतु रू. 30.00 लाख का प्रावधान किया गया है।
- शोध को बढावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय द्वारा केन्द्रीय स्तर पर आयोजित किये जाने वाले राष्ट्रीय सेमनार/संगोष्ठी/वर्कशॉप आदि के लिये आयोजनेतर बजट के अन्तर्गत 30.00 लाख का प्रावधान किया गया है।
- बजट में बेहतर अनुसंधान निधि के लिये राशि रू. 85.00 लाख का प्रावधान किया गया है।
- विकसित भारत वर्ष 2047 के अन्तर्गत भारत सरकार/राज्य सरकार के विजन हेतु राशि रू. 10.00 लाख का प्रावधान किया गया है।
- प्रशासनिक भवन, अध्ययनशालाओं एवं छात्रावासों में उपवन विकास के अन्तर्गत वाटिका सौन्दर्यीकरण हेतु प्रावधान किया गया है।
- कालिदास समारोह, विक्रम कालिदास पुरस्कार, विक्रम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों को विक्रम सम्मान का प्रावधान किया गया है।
- विक्रम विश्वविद्यालय से शोध पत्रिका प्रकाशन के लिये 20.00 लाख का प्रावधान किया गया हैं।
- विश्वविद्यालय की अध्ययनशालाओं के अ.जा. /अ.ज.जा. एवं अन्य वर्ग के निर्धन विद्यार्थियों के प्रवेश शुल्क मुक्ति का निर्णय लिया गया।
बैठक के अंत में कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
Comments