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निटर भोपाल के 61वें फाउंडेशन डे पर मुख्य अतिथि होंगे श्री कैलाश सत्यार्थी

  ए नआईटीटीटीआर भोपाल अपनी स्थापना के 61 वा वर्ष मना रहा हैं। सात अप्रैल को भोपाल। स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा हे जिसमे 2014 में  नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। निटर के डायरेक्टर प्रो. सी.सी. त्रिपाठी ने कहा कि संस्थान ६१ वर्षों की गौरभशाली यात्रा को पूर्ण कर चुका है।  हम स्थापना दिवस पर श्री कैलाश सत्यार्थी जी को अपने बीच पाकर गौरव की अनुभूति करेंगे एवं उनकी  प्रेरणा दायक जीवन यात्रा और उनके विचारों को सुनेगे। निटर भोपाल के डीन कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रिलेशन्स प्रो. पी.के पुरोहित ने बताया कि श्री कैलाश सत्यार्थी जी के ऑफिस से इस सन्दर्भ में स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है ।  इस अवसर पर श्री कैलाश सत्यार्थी की जीवन यात्रा एवं निटर के 61 वर्षों के सफर पर बनी लघु फिल्मों का प्रसारण भी किया जायेगा। उल्लेखनीय हे की श्री कैलाश सत्यार्थी को 2014 में बच्चों और युवाओं के दमन के खिलाफ संघर्ष और सभी बच्चों के लिए शिक्षा के अधिकार के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कि...

विक्रम विश्‍व विद्यालय अब सम्राट विक्रमादित्‍य विश्‍व विद्यालय के नाम से जाना जाएगा – मुख्‍यमंत्री डॉ यादव

विक्रम विश्‍वविद्यालय का 29 वां दीक्षांत समारोह सम्‍पन्‍न हुआ मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव को विश्‍वविघालय के द्वारा डी लिट् की उपाधि प्रदान की गई 70 विघार्थियों को उपाधि, 99 को मेडल और 02 शोधार्थियों को डी लिट् की उपाधि प्रदान की गई उज्जैन। रविवार, 30 मार्च को भारतीय नववर्ष की प्रतिपदा के अवसर पर राज्‍यपाल श्री मंगुभाई पटेल की अध्‍यक्षता और मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में विक्रम विश्‍वविद्यालय का 29वां दीक्षांत समारोह सम्‍पन्‍न हुआ। समारोह का आयोजन विक्रम विश्‍व विद्यालय के स्‍वर्ण जयंती सभागार में किया गया। कुलाधिपति एवं राज्‍यपाल श्री पटेल ने इस अवसर पर कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में सम्मिलित हो कर अत्यधिक आनन्द का अनुभव हो रहा है। इस दीक्षान्त समारोह में अपनी उपाधियाँ प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को मैं आत्मीय बधाई देते हुए आप सभी के यशस्वी एवं मंगलमय भविष्य की कामना करता हूँ। यह दीक्षांत समारोह वास्‍तव में सेवा का संकल्‍प समारोह है। जीवन में सफलता के लिए कठोर अनुशासन की आवश्‍यकता होती है। शिक्षा, धर्म, साहित्य, संस्कृति, विज्ञान तथा ...

विश्व शून्य अपशिष्ट दिवस पर विक्रम विवि में जागरूकता अभियान, अपशिष्ट प्रबंधन और अन्न के सम्मान का संदेश

उतना ही लो थाली में, व्यर्थ न जाए खाली में शून्य अपशिष्ट जीवनशैली में रासेयो की मुख्यभूमिका - प्रो. डॉ. भारद्वाज, कुलगुरु उज्जैन: संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित विश्व शून्य अपशिष्ट दिवस के अवसर पर विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में शून्य अपशिष्ट जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख वक्ताओं ने शून्य अपशिष्ट जीवनशैली की आवश्यकता और पर्यावरण पर इसके प्रभाव को लेकर अपने विचार साझा किए। प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, विक्रम विवि के कुलगुरु, ने इस अभियान की अध्यक्षता करते हुए कहा, "शून्य अपशिष्ट जीवनशैली का उद्देश्य अपशिष्ट को शून्य या न्यूनतम स्तर तक सीमित करना, वस्तुओं का पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण करना, और एकल-उपयोग वाले उत्पादों से बचना है, जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।" उन्होंने विशेष रूप से भोजन की बर्बादी के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा, "घर में बचा हुआ भोजन हम खाते हैं, लेकिन सामाजिक समारोहों में अक्सर हम आवश्यकता से ज्यादा भोजन प्लेट में लेकर छोड़ देते हैं, जो बाद में डस्टबिन में चला जाता है। य...

विक्रमादित्यकालीन समाजोन्मुखी वित्त व्यवस्था अध्ययन प्रासंगिक : प्रो. भारद्वाज, कुलगुरु

वित्तीय साक्षरता पर जोर वित्तीय जागरूकता एवं उपभोक्ता प्रशिक्षण पर एक कार्यशाला संपन्न एनसीएफई-आरबीआई-सेबी के सहसंयोजन में विक्रम विवि में कार्यशाला हुई आयोजित  उज्जैन । पं. जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, विक्रम विश्वविद्यालय ने विक्रमोत्सव 2025 के अवसर पर वित्तीय जागरूकता एवं उपभोक्ता प्रशिक्षण पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता और समावेशन के महत्व को समझाना था। यह आयोजन एनसीएफई, आरबीआई और सेबी के सहयोग से किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने किया। उन्होंने अपने उद्घाटन संदेश में बताया कि संयुक्त राष्ट्र संपोषणीय विकास लक्ष्यों में से वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन के लक्ष्य का पालन करना विकासशील राष्ट्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रो. भारद्वाज ने सम्राट विक्रमादित्य के समय की वित्तीय व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया, जो समग्र प्रजा के हित में कार्य करती थी। इस कार्यशाला में विभिन्न विशिष्ट वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। एसबीआई समूह के वरिष्ठ संपर्क प्रबंधक श्री नीतेश पांडे ने अपने बैंक...

डिजिटल युग में तकनीकी दृष्टिकोण से अनुकूलन पर भी फोकस करें: प्रो. सी.सी त्रिपाठी

भोपाल। ग्रंथपाल का कार्य केवल पुस्तकों और जानकारी का प्रबंधन करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा, जानकारी, और व्यक्तिगत विकास के अवसर प्रदान करना है। उनका योगदान समाज के समग्र विकास और परिवर्तन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप सभी डिजिटल युग में तकनीकी दृष्टिकोण से अनुकूलन पर भी फोकस करे। यह विचार व्यक्त किये एनआईटीटीटीआर भोपाल के डायरेक्टर प्रो. सी.सी. त्रिपाठी ने। वह मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के लाइब्रेरियन के लिए "मॉडर्न लाइब्रेरीज एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज" विषय पर आयोजित 6 दिवसीय विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे।  ट्रिपल आईटी अगरतला के निदेशक प्रो. अभय कुमार ने मॉडर्न लाइब्रेरीज में एआई के उपयोग पर चर्चा की। निटर भोपाल के डीन कॉर्पोरेट एंड इंटरनेशनल रिलेशन्स प्रो. पी.के पुरोहित ने कहा कि लाइब्रेरियन समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनका योगदान कई दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है। आईसर भोपाल के डॉ. संदीप कुमार पाठक ने कहा कि ग्रंथपाल का कार्य केवल पुस्तकों और जानकारी का प्रबंधन करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा, जानकारी, और व्यक्...

विक्रम विश्वविद्यालय का 29 वाँ दीक्षान्त समारोह 30 मार्च, 2025 को, मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मंगुभाई पटेल करेंगे दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता

विक्रम विश्वविद्यालय का 29 वाँ दीक्षान्त समारोह 30 मार्च, 2025 को, मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मंगुभाई पटेल करेंगे दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को डी. लिट. की मानद उपाधि से अलंकृत किया जाएगा उनतीसवें दीक्षांत समारोह में उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन का 29 वाँ दीक्षान्त समारोह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुड़ी पड़वा तदनुसार दिनांक 30 मार्च, 2025 को प्रातः काल 10:30 बजे विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में होगा। मध्यप्रदेश के महामहिम कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल दीक्षान्त समारोह की अध्यक्षता करेंगे। समारोह के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे एवं उन्हें मानद डी.लिट् उपाधि से अलंकृत किया जाएगा। कार्यक्रम के सम्माननीय अतिथि श्री इंदरसिंह परमार माननीय मंत्री, उच्च शिक्षा, म.प्र. शासन होंगे। शुक्रवार रात तक समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। समारोह की रिहर्सल शनिवार को दो बार करवाई जाएगी।  यह जानकारी देते हुए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार...

विक्रम विश्वविद्यालय का 29 वाँ दीक्षान्त समारोह मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मंगुभाई पटेल जी की अध्यक्षता में होगा 30 मार्च, 2025 को

दीक्षांत समारोह में मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी को डी. लिट. की मानद उपाधि से अलंकृत किया जाएगा उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन का 29 वाँ दीक्षान्त समारोह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुड़ी पड़वा तदनुसार दिनांक 30 मार्च, 2025 को प्रातः काल 10:30 बजे विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में होगा। मध्यप्रदेश के महामहिम कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल दीक्षान्त समारोह की अध्यक्षता करेंगे। समारोह के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे एवं उन्हें मानद डी.लिट् उपाधि से अलंकृत किया जाएगा। कार्यक्रम के सम्माननीय अतिथि श्री इंदरसिंह परमार माननीय मंत्री, उच्च शिक्षा, म.प्र. शासन होंगे। यह जानकारी देते हुए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि सम्माननीय अतिथि राष्ट्रीय संत बालयोगी, माननीय संसद सदस्य, राज्यसभा श्री उमेशनाथ जी महाराज, माननीय संसद सदस्य, लोकसभा श्री अनिल फिरोजिया  एवं माननीय विधायक, म.प्र. विधानसभा श्री अनिल जैन कालूहेड़ा होंगे। समारोह में श्री कमलेश डी. पटेल, पद्म भूषण वैश्विक अध्यक्ष, श्री राम...

एनआईटीटीटीआर भोपाल का 2025-2026 का एकेडेमिक कैलेंडर जारी

भोपाल। एनआईटीटीटीआर भोपाल के वर्ष 2025-2026 के वार्षिक अकादमिक ट्रेनिंग प्रोग्राम के कैलेन्डर को  निदेशक प्रो. सी.सी त्रिपाठी द्वारा जारी किया गया। प्रो.  त्रिपाठी  ने इस अवसर पर कहा कि इस नए अकादमिक वर्ष में कुल 326 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, विकसित भारत 2047 पहल, पीएम गति शक्ति कार्यक्रम, कैपेसिटी बिल्डिंग, उभरती हुई तकनीकें, उद्योग केंद्रित प्रशिक्षण, और आउटकम-आधारित शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। कार्यक्रमों की योजना विभिन्न राज्यों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है, जिनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान, और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए समर्पित विशेष कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, समय-समय पर मांग के आधार पर भी अतिरिक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सहायक कर्मचारियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि उनके कौशल और क्षमता को बेहतर बनाया जा सके। साथ ही, पूरे वर्षभर हिंदी कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाए...

जीवंत डिजिटल अरेस्ट, बूट कैंप जागरुकता जरूरी - कुलगुरु प्रो. भारद्वाज

उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय के पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान और प्रबंध संकाय-आईआईसी प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में ‘वित्तीय साक्षरता, साइबर क्राइम सुरक्षा, बैंकिंग करियर्स’ विषय पर बूट कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज ने अपने शुभकामना संदेश में विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में वे आर्थिक निर्णयों को सही तरीके से ले सकें। उन्होंने साइबर सिक्योरिटी, साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, वित्तीय समावेशन और वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से इस बूट कैंप के आयोजन को प्रासंगिक बताया। साइबर सुरक्षा और वित्तीय साक्षरता पर कार्यशाला इस बूट कैंप की शुरुआत में प्रो. डॉ. धर्मेंद्र मेहता ने अतिथि वक्ता और विक्रम विवि की एल्युमिनी एनसीएफई आरबीआई-एसबीआई से संबद्ध की वित्तीय समावेशन प्रशिक्षक श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव का विस्तृत परिचय दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के संपोषणीय विकास लक्ष्यों 1, 2, 3, 5, 7, 8, 9 को जोड़ते हुए वित्तीय साक्षरता को प्रस्तुत ...

विक्रम विश्वविद्यालय के आईआईपीएस के विद्यार्थियों ने अडानी हजीरा पोर्ट और विल्मर का औद्योगिक भ्रमण किया

उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईआईपीएस) के विद्यार्थी हाल ही में अदानी हजीरा पोर्ट (सूरत) और विल्मर इंडस्ट्रियल विजिट पर गए और वहां से लौटे। यह भ्रमण आईआईपीएस विभाग द्वारा आयोजित किया गया था, जिसे छात्रों के लिए औद्योगिक अनुभव प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना गया। गत वर्ष भी विभाग द्वारा गुजरात के अदानी के मुंद्रा पोर्ट (कच्छ) का दौरा कराया गया था। हाजिर पोर्ट के हेड श्री नीरज बंसल ने विद्यार्थियों को पोर्ट की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि अडानी हजीरा पोर्ट, गुजरात के सूरत के पास स्थित एक बहुउद्देशीय बंदरगाह है, जिसे अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) द्वारा संचालित किया जाता है। इस बंदरगाह में 6 ऑपरेटिंग बर्थ हैं, जिनकी कुल वार्षिक क्षमता 30 मिलियन टन है। श्री बंसल ने बताया कि APSEZ भारत में सबसे बड़ा वाणिज्यिक बंदरगाह संचालक है और इसका उद्देश्य भारतीय समुद्री वाणिज्य के लिए एक उच्च-प्रदर्शन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करना है। इसके बाद, विद्यार्थियों ने विल्मर प्लांट का दौरा भी किया, जहां विल्मर ...

विक्रम विश्वविद्यालय के उनतीसवें दीक्षांत समारोह के लिए 163 विद्यार्थियों ने करवाया पंजीयन

  उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन का 29 वाँ दीक्षान्त समारोह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुड़ी पड़वा तदनुसार दिनांक 30 मार्च, 2025 को प्रातः काल 10:30 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में होना निश्चित हुआ है। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के उनतीसवें दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने के लिए 163 विद्यार्थियों ने पंजीयन करवाया है। इनमें पीएच डी उपाधि प्राप्तकर्ता 64,  डीलिट उपाधि प्राप्त कर्ता 2, स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्तकर्ता 69 एवं स्नातक उपाधि प्राप्तकर्ता 28 विद्यार्थी शामिल हैं। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि इस समारोह में वर्ष 2024 के पीएच.डी. एवं डी. लिट. उपाधि धारकों (01 जनवरी, 2024 से 31 दिसम्बर, 2024) को उपाधि, तथा वर्ष 2024 की स्नातक परीक्षाओं की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त अभ्यर्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किये जायेंगे। वर्ष 2024 की स्नातकोत्तर परीक्षाओं की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त अभ्यर्थियों को उपाधियाँ एवं विश्वविद्यालय द्वारा घोषित स्वर्ण पदक प्रदान किये जायेंगे।

विक्रम विश्वविद्यालय कार्यपरिषद एवं सभा की बैठक सम्पन्न

घाटे से उबरा विश्वविद्यालय, मितव्ययता से लाभ में आया विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन की कार्यपरिषद् एवं सभा की बैठक दिनांक 26 मार्च 2025 को सम्पन्न हुई। बैठक में विक्रम विश्वविद्यालय के वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुमानित बजट प्रस्तुत किया गया। बैठक की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने की। बैठक में उज्जैन नगर निगम महापौर श्री मुकेश टटवाल, कार्यपरिषद् के सदस्य श्री रूपचन्द पमनानी, श्री राजेश सिंह कुशवाह, श्री वरुण गुप्ता, डॉ. संजय वर्मा, श्रीमती मंजूषा मिमरोट, डॉ. कुसुमलता निंगवाल, डॉ. हर्षा क्षीरसागर, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. गीता नायक, डॉ. कामरान सुल्तान, डॉ. उमेश कुमार सिंह, डॉ. एस. के. मिश्रा, डॉ. कमलेश दशोरा, संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा श्री पवन चौहान, डॉ. अलका व्यास, डॉ. राजेश टेलर, डॉ. शैलेन्द्र भारल, डॉ. डी.एम. कुमावत, बजट प्रस्तुतकर्ता वित नियंत्रक श्री जे.एस. तोमर एवं कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा उपस्थित थे। आय-व्यय का सारांश मूल वित्तीय अनुमान बजट वित्तीय वर्ष 2025-26 आयोजनेतर आय - 20841.29 लाख आयोजनेतर व्यय - 20812.15 लाख कुल (+)रु. 29.14 लाख प...

प्रशांति कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विशेष व्याख्यान

डॉ. शैलेन्द्र भारल हुए सम्मानित उज्जैन। प्रशांति कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, उज्जैन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के वाणिज्य संकाय के डीन और वाणिज्य अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर डॉ. शैलेन्द्र भारल उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. शैलेन्द्र भारल ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इंटर्नशिप प्रोजेक्ट रिपोर्ट की तैयारी, उसकी संरचना, मूल्यांकन प्रक्रिया और वास्तविक उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उनके अनुभव पूर्ण उद्बोधन ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष श्री एल.एल. गुप्ता, उपाध्यक्ष सीए अवनीश गुप्ता, डॉ. ज्योति मेवाल और प्रोफेसर वर्षा जोशी ने डॉ. शैलेन्द्र भारल को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। प्रशस्ति पत्र का वाचन प्रो. वर्षा जोशी ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. योगेन्द्र नामदेव ने किया, जबकि आभार व्यक्...

विक्रम विश्वविद्यालय के डॉ सक्सेना को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित कॉर्डियक अरेस्ट अलर्टिंग डिवाइस का इंडियन पेटेंट प्राप्त

उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के डॉ विष्णु कुमार सक्सेना ने कंप्यूटर साइंस एन्ड इंजीनियरिंग विषय में शोध करने के उपरांत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित कॉर्डियक अरेस्ट अलर्टिंग डिवाइस का इंडियन पेटेंट करवाने में सफलता प्राप्त की है । कई स्वास्थ्य स्थितियाँ, मनुष्य की जीवनशैली, और उनकी उम्र और पारिवारिक इतिहास, हृदय रोग और दिल के दौरे के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।  इसी को ध्यान में रखते हुए कॉर्डियक अरेस्ट अलर्टिंग डिवाइस के एक नए डिज़ाइन के आविष्कार में उन्नत बायोमेट्रिक सेंसर शामिल है, यह हृदय गति, ऑक्सीजन सचुरेशन  और श्वसन पैटर्न जैसे महत्वपूर्ण संकेतों को ट्रैक करता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम का उपयोग करते हुए, कार्डियक अरेस्ट के शुरुआती संकेतों का पता लगाता है और तुरंत आपातकालीन सेवाओं, देखभाल करने वालों को सूचित करता है, त्वरित कार्रवाई के लिए सटीक जीपीएस स्थान साझा करता है। यह उपयोगकर्ताओं को व्यक्तिगत स्वास्थ्य और रोगनिरोधी  सिफारिशें प्रदान करने के लिए चिकित्सा प्लेटफ़ॉर्म के साथ भी एकीकृत होता है। निरंतर निगरानी और तत्काल प्रतिक्रिया क्षमताओं की ...

29वें दीक्षांत समारोह की रिहर्सल होगी 29 मार्च 2025 को दो बार

उज्जैन। 29वां दीक्षांत समारोह दिनांक 30 मार्च, 2025 को आयोजित होगा। दीक्षान्त समारोह कार्यक्रम का पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) दिनांक 29 मार्च 2025 पूर्वाह्न 11.00 बजे एवं अपराह्न 03.00 बजे निर्धारित किया गया है। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉक्टर अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि सभी सम्माननीय प्रतिभागियों से  पूर्वाभ्यास (रिर्हसल) प्रक्रिया में सम्मिलित होने का अनुरोध किया गया है। इस हेतु वर्ष 2024 के स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ता एवं डी. लिट. एवं पीएच.डी. हेतु पंजीबद्ध प्राप्तकर्ता पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) के लिये स्वर्ण जयंती कक्ष, माधव भवन, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन में निर्धारित तिथि एवं समय पर अनिवार्यतः उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है।

नीम का अद्भुत औषधि का प्रयोग: गुड़ीपड़वा पर्व से शुरुआत करके त्वचा रोगों को दूर करें - डॉ प्रकाश जोशी

गुड़ीपड़वा पर्व से नववर्ष की शुरुआत पर नीम के पत्तों का प्रयोग चर्म रोगों को दूर करने में सहायक सिद्ध हो सकता है। यह मान्यता चैत्र नवरात्रि के समय से प्रचलित है। आयुर्वेदाचार्यों ने अपनी संहिता ग्रंथों में यह उल्लेख किया है कि गुड़ीपड़वा पर्व पर 15 दिन तक नीम का प्रयोग काली मिर्च और मिश्री के साथ मिलाकर करने से वर्षभर त्वचा रोग उत्पन्न नहीं होते। नीम और पीपल: प्राकृतिक आक्सीजन के स्रोत नीम और पीपल ही ऐसे वृक्ष हैं जो 100% आक्सीजन इस संसार को प्रदान करते हैं। आयुर्वेद ग्रंथों में नीम को कई नामों से संबोधित किया गया है, जैसे अरिष्टक, पीचुमर्द, और हींगुनिर्यास। नीम के अद्भुत गुण: चर्म रोगों में लाभकारी नीम के अंदर जरा को रोकने की अद्भुत क्षमता पाई जाती है। इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो चर्म रोगों और त्वचागत विकारों में लाभकारी सिद्ध होते हैं। गुड़ीपड़वा पर्व पर नीम का सेवन: गुड़ीपड़वा पर्व से लगातार 15 दिन तक नीम का 10 ग्राम मात्रा में, काली मिर्च और मिश्री (5-5 नग) के साथ प्रयोग करने से त्वचागत विकारों में लाभ मिलता है और यह चीरयुवा बनाए रखने में मदद करता है। त्वचा के स...

"टीबी हारेगा, देश जितेगा" - प्रो. अर्पण भारद्वाज, कुलगुरु

 विश्व यक्ष्मा दिवस पर जागरूकता संदेश कार्यक्रम "टीबी हारेगा, देश जितेगा" - प्रो. अर्पण भारद्वाज, कुलगुरु उज्जैन। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान (जेएनआईबीएम) में विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, कुलगुरु, विक्रम विश्वविद्यालय ने शुभकामना संदेश देते हुए एसडीजी लक्ष्य 3.3 को प्रमुखता से रेखांकित किया, जिसके तहत एड्स, तपेदिक, मलेरिया और उपेक्षित बीमारियों को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, **हेपेटाइटिस, जल-जनित रोगों और अन्य संचारी रोगों से 2030 तक निपटने के उद्देश्य से जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। एसडीजी लक्ष्य 3.3 पर जोर प्रो. अर्पण भारद्वाज ने अपने संदेश में कहा कि, भारत को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में हम सभी को सामूहिक रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने एसडीजी लक्ष्य 3.3 के तहत तपेदिक (टीबी) के उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान*...

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